Sunday, 12 November 2017

हिंदी साहित्य का इतिहास (आदिकाल ) भाग -1


हिंदी साहित्य का काल विभाजन तथा नामकरण

आचार्य रामचन्द्र शुक्ल के अनुसार


नाम  उपनाम  समय
आदिकाल वीरगाथाकाल  संवत् 1050 – 1375
पूर्वमध्यकाल  भक्तिकाल  संवत् 1375 – 1700
उत्तरमध्यकाल  रीतिकाल  संवत् 1700 – 1900
आधुनिककाल  गद्यकाल  संवत् 1900 – 1984




अन्य आचार्यों के अनुसार


आदिकाल : सातवीं शती के मध्य से चौदहवीं शती के मध्य तक |
भक्तिकाल : चौदहवीं शती के मध्य से सत्रहवीं शती के मध्य तक |
रीतिकाल : सत्रहवीं शती के मध्य से उन्नीसवीं शती के मध्य तक |
आधुनिक काल : उन्नीसवीं शती के मध्य से अब तक

1 पुनर्जागरण ( भारतेंदुकाल ) 1857 – 1900 ई.
2 जागरणसुधारकाल ( द्विवेदिकाल ) 1900 – 1918 ई .
3 छायावादकाल 1918 – 1938 ई .
4 छायावादोत्तरकाल
             (क ) प्रगति – प्रयोगकाल 1938 – 1953 ई .
             (ख ) नवलेखनकाल 1953 ई. से अब तक


हिंदी का प्रथम कवि

डॉ. शिवसिहं सेंगर ने सातवीं शताब्दी में उत्पन्न ‘पुष्य’ या ‘पुण्ड’ नामक कवि को हिंदी का प्रथम कवि माना था | किन्तु इस कवि का उल्लेख मात्र मिलता है ,उसकी कोई रचना उपलब्ध नहीं है | राहुल सांकृत्यायन ने सातवीं शताब्दी ईसवी के ‘सरहपाद’ को हिंदी का प्रथम कवि माना है | वे 84 सिद्धों में से एक थे |

आदिकाल में लिखा गया साहित्य

1 अपभ्रंश – साहित्य के प्रमुख कवि



१ स्वयंभू – पउमचरिउ (अपूर्ण)
रिट्ठणेमिचरिउ
स्वयंभूछन्द
२ पुष्पदंत - ये पहले शैव थे परन्तु बाद में आश्रयदाता के आग्रह पर जैन हो गए | महापुराण
णयकुमार – चरिउ
जसहर – चरिउ
३ धनपाल - भविसयत्तकहा
४ अब्दुल रहमान -  संदेशरासक (खंडकाव्य )
५ जोइंदु -  परमात्मप्रकाश
योगसार



2 सिद्ध - साहित्य के प्रमुख कवि

१ सरहपा - दोहाकोष
२ शबरपा - चर्यापाद
३ डोम्मिपा -  डोम्बिगीतिका , योगचर्या



3 नाथ – साहित्य के प्रमुख कवि

१ गोरखनाथ – सबदी , पद , रोमावली , ग्यानतिलक , पंचमात्रा ( गोरखनाथ ने हठयोग का उपदेश दिया था | ‘ह’ का अर्थ है सूर्य तथा ‘ठ’ का अर्थ है चन्द्र | इन दोनों के योग को ही हठयोग कहते हैं |

4 रासो – साहित्य के प्रमुख कवि

१.चंदबरदाई- पृथ्वीराजरासो ( हिंदी का पहला महाकाव्य )
२. नरपति नाल्ह - बीसलदेवरासो ( गेय काव्य ) इसमें भोज परमार की पुत्री राजमती और अजमेर के चौहान राजा बीसलदेव तृतीय के विवाह , वियोग एवं पुनर्मीलन की कथा प्रस्तुत की गई है |
३. जगनिक -परमालरासो
४ जज्जल - हम्मीररासो


5 आदिकालीन अन्य प्रमुख कवि

१ भट्ट केदार -  जयचंद प्रकाश (महाकाव्य ) महाराज जयचंद के प्रताप और पराक्रम का वर्णन
२ मधुकर कवि - जयमयंक – जस – चन्द्रिका
३ विद्यापति - 1 कीर्तिलता
2 कीर्तिपताका
3 पदावली ( विद्यापति मैथिलकोकिल कहलाते हैं )
४ अमीर खुसरो - 1 खालिकबारी
2 नजरान – ए – हिन्द
3 पहेलियाँ एवं मुकरियाँ ( अमीर खुसरो खड़ी बोली के कवि )


         


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