Monday, 19 February 2018

पद परिचय [ संज्ञा पद | सर्वनाम पद | विशेषण पद | क्रिया पद | क्रियाविशेषण पद ]


शब्द – एक से अधिक वर्णों के मेल से बने सार्थक वर्ण – समूह शब्द कहलाते हैं ; जैसे – सोहन , खीर , मीरा , खेलता , शतरंज इत्यादि | 



पद – जब कोई शब्द स्वतंत्र न रहकर व्याकरण के नियमों में बँध जाता है , तब वह शब्द ‘पद’ बन जाता है | 



कारक , वचन ,लिंग ,पुरुष इत्यादि में बँधकर शब्द ‘पद’ बन जाता है | 
इस प्रकार वाक्य में प्रयुक्त शब्द ही ‘पद’ है | 
जैसे - सीता गाती है | ईश्वर रक्षा करे | 
यहाँ ‘सीता’ , ‘ईश्वर’ आदि शब्द वाक्य में प्रयुक्त होकर ‘पद’ में परिवर्तित हो गए हैं |


पद के भेद -

१. संज्ञा पद                २. सर्वनाम पद           ३. विशेषण पद
४. क्रिया पद              ५. क्रियाविशेषण पद     ६. संबंधबोधक
७. समुच्चयबोधक       ८. विस्मयबोधक

पद - परिचय

पद-परिचय का अर्थ होता है पदों का अन्वय, अर्थात् विश्लेषण | हिंदी व्याकरण में इसके विभिन्न नाम दिए गए हैं ; 
जैसे – पदान्वय , पदनिर्देश , पद – विन्यास , पदनिर्णय आदि | ये सभी पद – परिचय के पर्यायवाची शब्द हैं | 
पद–परिचय’ में वाक्यों में प्रयुक्त सार्थक शब्दों अथवा पदों को व्याकरणसम्मत विशेषताएँ बताई जाती हैं | दूसरे शब्दों में हम कह सकते हैं कि वाक्य के प्रत्येक पद को अलग – अलग कर उसका स्वरूप और दूसरे पद से संबंध बताना पद – परिचय कहलाता है | 

प्रमुख पदों का परिचय इस प्रकार किया जा सकता है –

1. संज्ञा पदों का पद परिचय – संज्ञापदों का अन्वय करते समय संज्ञा , उसका भेद, लिंग, वचन, कारक और अन्य पदों का परिचय देते हुए अन्य पदों से उसका संबंध भी दिखाना चाहिए |

जैसे – गीता ने कहा कि मैं राम की पुस्तकें पढ़ती हूँ |

यहाँ ‘गीता’, ‘राम’, और ‘पुस्तकें’ तीन संज्ञापद हैं इनका पद – परिचय इस प्रकार होगा – 



गीता – व्यक्तिवाचक संज्ञा, स्त्रीलिंग, एकवचन , कर्ता कारक 

राम - व्यक्तिवाचक संज्ञा, पुल्लिंग, एकवचन, संबंधकारक 
पुस्तकें – जातिवाचक संज्ञा , स्त्रीलिंग , बहुवचन ,कर्मकारक

2. सर्वनाम पदों का पद परिचय – सर्वनाम का पद – परिचय करते समय सर्वनाम का भेद , पुरुष , लिंग , वचन , कारक और अन्य पदों से उसका संबंध बताना पड़ता है |

जैसे – वह अपना काम करती है

इस वाक्य में 'वह' और 'अपना' सर्वनाम हैं ; उनका पद – परिचय इस प्रकार है –

वह – अन्य पुरुषवाचक सर्वनाम, स्त्रीलिंग, एकवचन, कर्ताकारक |

अपना – निजवाचक सर्वनाम, अन्यपुरुष, पुल्लिंग, एकवचन, संबंधकारक आदि |


3. विशेषण का पद-परिचय – विशेषण के पद – परिचय में संज्ञा और सर्वनाम की तरह लिंग ,वचन , कारक , और विशेष्य बताना चाहिए |

जैसे – राम अमूल्य गुणों की खान है |


अमूल्य – गुणवाचक विशेषण, पुल्लिंग, बहुवचन, संबंधकारक, गुणों इसका विशेष्य है |


4. क्रिया का पद – परिचय – क्रिया के पद – परिचय में क्रिया का प्रकार , वाच्य , पुरुष , लिंग , वचन , काल और वह शब्द जिससे क्रिया का सम्बन्ध है , सबकुछ बताना चाहिए |

जैसे – वह जाता है |


इसमें जाता है क्रिया पद है , इसका अन्वय इस प्रकार है –
जाता है – अकर्मक क्रिया, कर्तृवाच्य, सामान्य वर्तमान, अन्यपुरुष, पुल्लिंग, एकवचन |


5. क्रियाविशेषण का पद – परिचय – इसके अंतर्गत क्रियाविशेषण का प्रकार और जिस क्रिया की यह विशेषता प्रकट करे उस पद का उल्लेख करना चाहिए |

जैसे – बालक अध्यापिका की बात ध्यानपूर्वक सुनता है |

ध्यानपूर्वक – रीतिवाचक क्रियाविशेषण है एवं ‘सुनता है’ क्रिया की विशेषता बताता है |


पद – परिचय के कुछ उदाहरण

1. काला घोड़ा तेज भागता है |
काला – गुणवाचक विशेषण, एकवचन, पुल्लिंग, ‘घोड़ा’ विशेष्य है |

घोड़ा – जातिवाचक संज्ञा, पुल्लिंग, एकवचन, ‘भागता है’ क्रिया का कर्ता |

तेज – रीतिवाचक क्रियाविशेषण, ‘भागता है’ क्रिया की विशेषता प्रकट कर रहा है |

भागता है – अकर्मक क्रिया, कर्तृवाच्य, वर्तमान काल, पुल्लिंग, अन्य पुरुष, एकवचन, ‘घोड़ा’ उसका कर्ता है |



2. भागकर जाओ और बाजार से कुछ तो लाओ |
भागकर – पूर्वकालिक क्रिया, रीतिवाचक क्रियाविशेषण |
बाजार – जातिवाचक संज्ञा, पुल्लिंग, एकवचन, अपादान कारक |
कुछ – अनिश्चयवाचक सर्वनाम, पुल्लिंग, एकवचन, कर्मकारक |

3. हम बाग में गए परन्तु वहाँ कोई आम न मिला |
हम – उत्तम पुरुषवाचक सर्वनाम, पुल्लिंग, बहुवचन, कर्ता कारक,‘गए’ क्रिया का कर्ता |
बाग में – जातिवाचक संज्ञा, पुल्लिंग, एकवचन, अधिकरण कारक |
गए – अकर्मक क्रिया, उत्तम पुरुष, पुल्लिंग, बहुवचन, भूतकाल |
परन्तु – व्याधिकरण समुच्चयबोधक, दो वाक्यों को जोड़ता है |
वहाँ – स्थानवाचक क्रियाविशेषण |
कोई – संख्यावाचक विशेषण, पुल्लिंग, एकवचन, ‘आम’ विशेष्य का विशेषण |
आम – जातिवाचक संज्ञा, पुल्लिंग, एकवचन, कर्म कारक |
मिला – सकर्मक क्रिया, मिल धातु, अन्य पुरुष, पुल्लिंग, एकवचन

भूतकाल, निश्चयार्थ, कर्तृवाच्य |


4. किशन दसवीं कक्षा में बैठा है |
किशन – व्यक्तिवाचक संज्ञा, पुल्लिंग, एकवचन, कर्ता कारक, ‘बैठा है’ क्रिया का कर्ता |
दसवीं – विशेषण, क्रमसूचक, संख्यावाचक, स्त्रीलिंग, एकवचन, ‘कक्षा’ विशेष्य का विशेषण |

कक्षा में – जातिवाचक संज्ञा, स्त्रीलिंग, एकवचन, अधिकरण कारक |
बैठा है - अकर्मक क्रिया, ‘बैठ’ धातु, अन्य पुरुष, पुल्लिंग, एकवचन,

निश्चयार्थ, कर्तृवाच्य |



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