Saturday, 29 July 2017

रचना के आधार पर वाक्य भेद / वाक्य रूपांतरण

वाक्य – भेद - Part 2

वाक्य – भेद

शब्दों का वह सार्थक समूह , जो किसी न किसी भाव को प्रकट करता है , वह वाक्य कहलाता है |

रचना के आधार पर वाक्य भेद / वाक्य रूपांतरण


रचना के आधार पर वाक्य के तीन भेद होते हैं -

1. साधारण या सरल वाक्य
2. संयुक्त वाक्य
3. मिश्र या मिश्रित वाक्य

1. साधारण या सरल वाक्य

  1. सरल वाक्य में एक उद्देश्य और एक विधेय होता है |
  2. इसमें एक ही क्रिया होती है जो मुख्य क्रिया होती है |
  3. इसमें उपवाक्य नहीं होते |
जैसे - 

1)  राम गेंद से खेलता है |
2) रावण तीनों लोकों का स्वामी बनना चाहता था |
3) वह प्रतिदिन घर का कार्य करने के बाद भी समय पर कार्यालय पहुँचती है |

नोट – यह आवश्यक नहीं कि सरल वाक्य छोटे ही होते हैं वरन वे लम्बे भी हो सकते हैं |


2. संयुक्त वाक्य

  1. संयुक्त वाक्य में दो या दो से अधिक स्वतंत्र वाक्य योजक चिह्नों के द्वारा जुड़े रहते हैं |
  2. किन्तु ,परन्तु ,और ,तथा ,इसलिए ,या ,अथवा, अन्यथा, अत: इत्यादि योजक शब्द होते हैं |
  3. योजक शब्द समुच्चय बोधक अव्यय होते हैं |
जैसे -

1) मुझे बुखार था , इसलिए मैं विद्यालय नहीं जा सका |
2) वह बाज़ार गया और उसने सामान ख़रीदा |
3) मजदूर मेहनत करता है , परन्तु उसे लाभ नहीं मिलता |
4) बादल घिरे तथा अँधेरा छा गया |
5) मैंने उसकी बहुत प्रतीक्षा की , किन्तु वह नहीं आया |


नोट - संयुक्त वाक्यों में कभी – कभी अव्यय शब्दों का लोप भी किया जाता है ; 
जैसे – 

1) क्या सोचा था , क्या हो गया |

3. मिश्र / मिश्रित वाक्य

  1. मिश्र वाक्य में एक से अधिक उपवाक्य होते हैं |
  2. इस प्रकार के वाक्य में एक प्रधान उपवाक्य होता है तथा शेष अन्य उपवाक्य उस पर आश्रित होते हैं |
  3. जो उपवाक्य आश्रित होते हैं | उन्हें आश्रित उपवाक्य कहते हैं |
  4. ये उपवाक्य आपस में व्याधिकरण योजकों से जुड़े रहते हैं |
  5. ये योजक जो , जब , तब, जहाँ, वहाँ , कि , क्योंकि , अगर , यदि इत्यादि होते हैं |
जैसे - 

1) जब गीता ने मेहनत की , तब वह प्रथम आई |
2) जो छात्र परिश्रम करते हैं , वे ही सफल होते हैं |
3) जैसे ही सूर्यास्त हुआ , चारों तरफ अँधेरा छा गया |
4) यद्यपि वह दुबला – पतला है तथापि वह ताकतवर है |
5) वह विद्यालय नहीं आया क्योंकि वह बीमार है |

उपवाक्य – एक वाक्य में अनेक उपवाक्य होते हैं ; जिनमें एक प्रधान तथा शेष आश्रित उपवाक्य होते हैं | मुख्य उपवाक्य की क्रिया मुख्य होती है | 


आश्रित उपवाक्यों का आरम्भ प्राय: ‘जो’ , ‘कि’ , ‘क्योंकि’ , ‘जिसे’ , ‘यदि’ इत्यादि शब्दों से होता है |


जैसे - गीता अब तक ठीक नहीं हुई, क्योंकि उसने दवाई समय पर नहीं ली | 
मिश्र वाक्यों में तीन प्रकार के आश्रित उपवाक्य होते हैं – 

1. संज्ञा उपवाक्य 
2. विशेषण उपवाक्य 
3.  क्रियाविशेषण उपवाक्य 

1. संज्ञा उपवाक्य 

  1.  यह उपवाक्य प्रधान उपवाक्य की संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होता है | 
  2.  यह उपवाक्य वाक्य में संज्ञा का काम करते हैं | 
  3.  संज्ञा उपवाक्य प्रधान उपवाक्य से ‘कि’ योजक द्वारा जुड़े रहते हैं | 

जैसे - 
कृष्णव ने कहा कि वह खाना नहीं खाएगा | 
राजा ने कहा कि युद्ध में जीतना कठिन है | 

2. विशेषण उपवाक्य 

  1.  यह उपवाक्य प्रधान उपवाक्य की संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताता है | 
  2.  यह उपवाक्य संज्ञा या सर्वनाम के विषय में विभिन्न सूचनाएँ देता है | 
  3.  यह उपवाक्य प्रधान उपवाक्य से संबंधवाचक सर्वनाम ‘जो’ , ‘जिसके’ , ‘जिसने’ , ‘जिसे’ आदि शब्दों से जुड़ा रहता है | 

जैसे - 
1) उस लड़के को अंदर बुलाओ, जो बाहर आया है | 
2) यह वही औरत है, जिसने कल सामान चुराया था | 
3) जो मेहनत करता है, वह सफलता प्राप्त करता है | 

3. क्रियाविशेषण उपवाक्य 

  1. यह उपवाक्य प्रधान उपवाक्य की क्रिया की विशेषता बताता है | 
  2. इन उपवाक्यों से क्रिया के घटित होने की रीति , समय , दिशा ,स्थान ,परिणाम इत्यादि की सूचना मिलती है | 

जैसे - 
1) जैसे वह समझाता है, वैसे कोई नहीं समझाता | 
2) जहाँ वह रोज़ जाती है , वहाँ मेरा घर है | 


वाक्य – संश्लेषण – दो या दो से अधिक वाक्यों को सार्थक रूप से मिलाना वाक्य संश्लेषण कहलाता है | योजकों की सहायता से संयुक्त और मिश्रित वाक्य बनाए जाते हैं | 

जैसे – 

1. सीता ने मेहनत की |               2. सीता सफल हो गई | 

सीता ने मेहनत की और सफल हो गई | ( संयुक्त वाक्य
जब सीता ने मेहनत की , तब वह सफल हुई | ( मिश्रित वाक्य

वाक्य रूपांतरण – एक वाक्य का दूसरे वाक्य में रचना की दृष्टि से रूपांतरित होना वाक्य रूपांतरण कहलाता है | 


सरल वाक्य – संयुक्त वाक्य तथा मिश्र वाक्य में 
संयुक्त वाक्य – सरल वाक्य तथा मिश्र वाक्य में 
मिश्र वाक्य – सरल वाक्य तथा संयुक्त वाक्य में 

इन तीनों वाक्यों के आपस में रूपांतरण होते समय इनके अर्थ में परिवर्तन नहीं होना चाहिए | 

जैसे – 

प्रात:काल पक्षी चहचहाते हैं | ( सरल वाक्य
प्रात:काल हुआ, और पक्षी चहचहाने लगे | ( संयुक्त वाक्य
जब प्रात:काल हुआ तब पक्षी चहचहाने लगे | ( मिश्रित वाक्य )

_________________________________________________
YouTube